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Question

निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए । 

प्रभावती सन् $1936$ में प्रकाशित मौलिक ऐतिहासिक उपन्यास है। कथानक महाराज जयचन्द के समय का है । कान्यकुब्जश्वा जयचन्द की रियासत दलमऊ की राजकुमारी प्रभावती का शिकार खेलते हए लप्लगढ़ के युवराज देव से परिचय हुआ । दोनों में अत्यधिक लगाव उत्पन्न हो गया । प्रभावती दलमऊ के शासक महेश्वर सिंह की कन्या है । रूप सुन्दरी है । वह जानती है कि उसके पिता उसका विवाह बलवन्त से करना चाहते हैं । किन्तु एक वीर नारी की तरह वह स्वयं ही राजकुमार से गन्धर्व विवाह करती है । किसी बात का भय न रखते हुए वह यमुना के साथ जंगल-जंगल घूमती है और कुमार देव के अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयत्न करती है। उपन्यासकार ने इसे सबला चित्रित किया है । संयोगिता को स्वयंवर के अवसर पर सशस्त्र सहायता देती है । जिसमें घायल होकर मृत्यु को प्राप्त होती है । 

प्रस्तुत उपन्यास में नारी पात्र पुरुषों से अधिक सबल और बुद्धिमान है । प्रभावती यमुना, सिंधु और संयोगिता पुरुष- पात्रों की अपेक्षा परिस्थिति का सामना दृढ़ता एवं वीरता से करती है । साथ ही वे नारी सुलभ गुणों लज्जा, उदारता, त्याग आदि से विभूषित हैं । प्रभावती की नायिका होने पर भी उसकी तुलना में यमुना का चरित्र अधिक प्रभावशाली है । यमुना का व्यक्तित्व सभी के लिए अनुकरणीय है । सेनापति वीरसिंह से उसका प्रेम था किंतु उनका विवाह न हो सका । 

नारी पात्रों में सिन्धु भी अपना एक विशेष स्थान रखती है । उसे प्रभावती और यमुना के नारी अपार सहानुभूति है । अपने नृत्य गायन से महेन्द्रपाल का मुक्त करवाती है । उसे राजराजेश्वरी से सम्बोधित किया गया है ।

इस उपन्यास में प्रभावती की नायिका होने पर भी उसकी तुलना में किसका चरित्र अधिक प्रभावशाली है ?

This question was previously asked in
UPSSSC PET 2025 Question Paper (07-Sep-2025) (Shift-2)
The correct answer is

यमुना

महिला पात्रों में, यमुना को एक प्रभावशाली व्यक्तित्व रखने वाली के रूप में रेखांकित किया गया है। पाठ में कहा गया है कि यमुना का चरित्र प्रभावती की अपेक्षा अधिक प्रभावशाली है, जिससे यमुना का व्यक्तित्व दूसरों के लिए आदर्श बनाता है।

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  1. निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए । 

    आज हिंदी भाषा जिस रूप में बोली और समझी जाती है वह खड़ी बोली का ही साहित्यिक भाषा रूप है. जिसका विकास मुख्यतः उन्नीसवीं शताब्दी मे हुआ । खडी बोली का प्राचीन रूप दसवीं शताब्दी से मिलता है किन्तु चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अमीर खुसरो ने पहली बार खड़ी बोली में कविता की रचना की। मध्यकाल तक खड़ी बोली मुख्यतः बोलचाल की भाषा के रूप में ही प्रचलित थी । उस युग में ब्रजभाषा और अवधी काव्य की भाषा थी । 

    ब्रजभाषा को सूरदास ने, अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने सिंचित और पल्लवित किया । उस समय फारसी राजदरबार में राजकाज की भाषा हुआ करती थी । अतः इन्हीं कारणों से खड़ी बोली उपेक्षित-सी रही, लेकिन समस्त उत्तर भारत में जनसंपर्क की यही एकमात्र सशक्त भाषा थी । 19 वीं और 20 वीं शताब्दी में जब ज्ञान-विज्ञान का प्रसार हुआ तो खड़ी बोली सहज रूप से सर्वग्राह्य भाषा के रूप में तथा जनसंपर्क की भाषा के रूप में उभर कर सामने आई क्योंकि यही सबसे अधिक व्यापक थी। 

    संसार में अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद हिंदी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है । मुद्रण के आविष्कार, भारत में में अंग्रेजी गद्य साहित्य के प्रसार, राजनीतिक जागरूकता के उद्भव, पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन, जनसाधारण तक पहुँचने की आवश्यकता आदि कारणों ने खड़ी बोली से विकसित हिंदी को सम्पूर्ण भारत की सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली जनसम्पर्क की भाषा के रूप में स्थापित कर दिया । इसी अवधि में भारतेन्दु हरिश्चंद्र महावीर प्रसाद द्विवेदी और प्रेमचन्द आदि ने हिंदी गद्य को निखारने व परिष्कृत करने में योगदान दिया । जन समुदायों को संबोधित करने के लिए गाँधी, तिलक, दयानन्द सरस्वती आदि राजनैतिक और धार्मिक नेताओं ने हिंदी का प्रयोग किया । 

    सन् 1949 ई. में संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात् इसने अब एक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है । देश के अधिकतर राज्यों में शासन और शिक्षा की भाषा हिंदी है। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने इसे द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता दी है ।

  2. अंक में भरना' एक मुहावरा है, इसका सही अर्थ है
  3. प्रभावती किसके स्वयंवर के अवसर पर सशस्त्र सहायता देती है ?
  4. यमुना किससे प्रेम करती है ?
  5. प्रभावती एक वीर नारी की तरह राजकुमार के साथ ________________ विवाह करती है।

  6. प्रभावती' किसकी बेटी है ?
  7. परवर्ती युग में वामन द्वारा 'रीति-संप्रदाय' की, कुंतक के द्वारा 'वक्रोक्ति संप्रदाय' की तथा आनंद वर्द्धनाचार्य द्वारा किस संप्रदाय की प्रतिष्ठा हुई ?
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  9. उपलब्ध ग्रंथों में प्राचीनतम रचना भरतमुनि द्वारा रचित 'नाट्य-शास्त्र' है जिसमें साहित्य के मानदण्ड के रूप में किसकी प्रतिष्ठा की गई है ?
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सन् 1949 ई. में संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात् इसने अब एक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है । देश के अधिकतर राज्यों में शासन और शिक्षा की भाषा हिंदी है। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने इसे द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता दी है ।

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