अभिकथन (A) : चीन, भारत, रूस, अफ्रीका जैसे विश्व के अधिक जनसंख्या वाले हिस्सों में बहुभाषिता थी।
कारण (R) : बहुभाषिता पिछड़ेपन की निशानी नहीं बल्कि संज्ञानात्मक कौशल के विकास का परिचायक है।
उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
अभिकथन (A) बताता है कि चीन, भारत, रूस और अफ्रीका जैसे अधिक जनसंख्या वाले विश्व के हिस्सों में बहुभाषिता थी। यह कथन ऐतिहासिक और सामाजिक वास्तविकता को दर्शाता है। इन क्षेत्रों में विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों के लंबे समय तक सह-अस्तित्व के कारण कई भाषाएँ प्रचलित थीं। अतः, अभिकथन (A) सत्य है।
कारण (R) के अनुसार, बहुभाषिता पिछड़ेपन की निशानी न होकर संज्ञानात्मक कौशल के विकास का परिचायक है। यह विचार आधुनिक भाषाविज्ञान और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में समर्थित है। एकाधिक भाषाएँ सीखने और उपयोग करने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता, जैसे समस्या-समाधान और रचनात्मकता, में सुधार होता है। अतः, कारण (R) भी सत्य है।
कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। (A) में वर्णित बहुभाषिता, जो कि चीन, भारत जैसे देशों में देखी गई, उसे (R) में एक सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। R बताता है कि यह भाषाई विविधता वास्तव में संज्ञानात्मक क्षमताओं के विकास का संकेत है, न कि किसी प्रकार की अविकसितता का। इस प्रकार, R, A में प्रस्तुत तथ्य के महत्व और सकारात्मक पहलू को स्पष्ट करता है।
इसलिए, सबसे उपयुक्त उत्तर है कि दोनों कथन (A) और (R) सत्य हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है।
'नदी नाव संयोग' लोकोक्ति का अर्थ है -
'त्रिशंकु होना' मुहावरे का अर्थ है -
'बराबर' शब्द में कौन सा उपसर्ग लगा है ?