नागरी लिपि को 'नंदिनागरी' नाम मुख्य रूप से दक्षिण भारत, विशेषकर महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे क्षेत्रों में इसके प्रयोग और विकास के कारण मिला।
ऐतिहासिक संदर्भ:
इसलिए, 'नंदिनागरी' नाम का संबंध दक्षिण भारत से है।
'नदी नाव संयोग' लोकोक्ति का अर्थ है -
'त्रिशंकु होना' मुहावरे का अर्थ है -
'बराबर' शब्द में कौन सा उपसर्ग लगा है ?