'त्रिशंकु होना' मुहावरे का अर्थ है -
'त्रिशंकु होना' एक हिंदी मुहावरा है जिसका प्रयोग एक ऐसी स्थिति को व्यक्त करने के लिए किया जाता है जहाँ व्यक्ति न तो एक समूह या स्थिति से पूरी तरह जुड़ा होता है और न ही दूसरे से।
मुहावरे का अर्थ स्पष्टीकरण:
अन्य विकल्पों का विश्लेषण:
इसलिए, 'त्रिशंकु होना' का सबसे उपयुक्त अर्थ है 'न इधर का होना, न उधर का होना'।
'नदी नाव संयोग' लोकोक्ति का अर्थ है -
'बराबर' शब्द में कौन सा उपसर्ग लगा है ?