दिए गए गद्यांश में से कुछ शब्दों को हटा दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों में उन रिक्त स्थानों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्दों का चयन विकल्पों में से कीजिए। भारतवर्ष ने कभी भी भौतिक वस्तुओं के (1). ______ को बहुत अधिक महत्त्व नहीं दिया है। उसकी दृष्टि से मनुष्य के भीतर जो महान (2). ______ गुण स्थिर भाव से बैठा हुआ है, वही चरम और परम है। लोभ-मोह, काम-क्रोध आदि विचार मनुष्य में (3). ______ रूप से विद्यमान रहते हैं, पर उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुद्धि को उन्हीं के इशारे पर छोड़ देना बहुत बुरा (4) ______ है। भारतवर्ष ने कभी भी उन्हें उचित नहीं माना, उन्हें सदा (5). ______ के बंधन से बाँधकर रखने का प्रयत्न किया है।
दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (5) की पूर्ति कीजिए ।
यह प्रश्न एक गद्यांश-आधारित रिक्त स्थान पूर्ति (Cloze Test) का हिस्सा है। हमें दिए गए गद्यांश को समझना होगा और विशेष रूप से रिक्त स्थान (5) के आसपास के संदर्भ को देखकर सर्वाधिक उपयुक्त शब्द का चयन करना होगा।
गद्यांश का वह भाग जिसमें रिक्त स्थान (5) है, इस प्रकार है:
"भारतवर्ष ने कभी भी उन्हें उचित नहीं माना, उन्हें सदा (5). ______ के बंधन से बाँधकर रखने का प्रयत्न किया है।"
यहां 'उन्हें' शब्द का प्रयोग पैराग्राफ में पहले वर्णित 'लोभ-मोह, काम-क्रोध आदि विचार' के लिए किया गया है, जिन्हें मनुष्य में स्वाभाविक रूप से विद्यमान बताया गया है लेकिन जिन्हें प्रधान शक्ति मानना 'बहुत बुरा' माना गया है। वाक्य कहता है कि भारतवर्ष ने इन नकारात्मक विचारों को कभी उचित नहीं माना और उन्हें सदा किसी चीज़ के 'बंधन से बाँधकर रखने' का प्रयास किया है। हमें उस चीज़ का नाम बताना है जो इन नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करने या बांधने का काम करती है।
चलिए दिए गए विकल्पों पर विचार करते हैं:
गद्यांश के संदर्भ में, भारतवर्ष ने लोभ, मोह, काम, क्रोध जैसे विचारों को अनुचित मानकर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया है। इन आंतरिक विकारों को नियंत्रित करने का सबसे उपयुक्त तरीका 'संयम' है। इसलिए, 'संयम के बंधन' का अर्थ है आत्म-नियंत्रण द्वारा इन विकारों को वश में रखना।
अतः, रिक्त स्थान (5) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्द 'संयम' है।
दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (5) की पूर्ति के लिए 'संयम' शब्द सबसे उपयुक्त है।
| रिक्त स्थान संख्या | गद्यांश में संदर्भ | उपयुक्त शब्द (वैकल्पिक) | चयन का कारण |
|---|---|---|---|
| (1) | भौतिक वस्तुओं के (1). ______ | उपयोग/संग्रह/महत्व | भौतिक वस्तुओं से जुड़ा संदर्भ। |
| (2) | महान (2). ______ गुण | मानवीय/आध्यात्मिक/आंतरिक | मनुष्य के भीतर के स्थायी गुणों से जुड़ा संदर्भ। |
| (3) | मनुष्य में (3). ______ रूप से विद्यमान रहते हैं | स्वाभाविक/प्राकृतिक/अंदर | लोभ-मोह आदि के स्वाभाविक अस्तित्व का संदर्भ। |
| (4) | बहुत बुरा (4) ______ है | कार्य/परिणाम/लक्ष्य | मन और बुद्धि को विकारों के इशारे पर छोड़ना बुरा परिणाम है। |
| (5) | सदा (5). ______ के बंधन से बाँधकर रखने का प्रयत्न किया है | संयम | नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करने का संदर्भ। |
संयम या आत्म-नियंत्रण भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में शांति और संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि सामाजिक सद्भाव के लिए भी महत्वपूर्ण है। संयम हमें अपनी इच्छाओं, भावनाओं और विचारों को विवेकपूर्ण तरीके से प्रबंधित करने में मदद करता है, ताकि वे विनाशकारी न बनें। लोभ, क्रोध और मोह जैसे आंतरिक शत्रु व्यक्ति की प्रगति और सुख में बाधा डालते हैं। इन्हें संयम के द्वारा ही वश में किया जा सकता है। गद्यांश इसी भारतीय मूल्य पर जोर देता है कि भौतिकवाद से अधिक आंतरिक गुणों और आत्म-नियंत्रण को महत्व दिया जाना चाहिए।
रिक्त स्थान 1 की पूर्ति के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।