दिए गए गद्यांश में से कुछ शब्दों को हटा दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों में उन रिक्त स्थानों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्दों का चयन विकल्पों में से कीजिए। भारतवर्ष ने कभी भी भौतिक वस्तुओं के (1). ______ को बहुत अधिक महत्त्व नहीं दिया है। उसकी दृष्टि से मनुष्य के भीतर जो महान (2). ______ गुण स्थिर भाव से बैठा हुआ है, वही चरम और परम है। लोभ-मोह, काम-क्रोध आदि विचार मनुष्य में (3). ______ रूप से विद्यमान रहते हैं, पर उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुद्धि को उन्हीं के इशारे पर छोड़ देना बहुत बुरा (4) ______ है। भारतवर्ष ने कभी भी उन्हें उचित नहीं माना, उन्हें सदा (5). ______ के बंधन से बाँधकर रखने का प्रयत्न किया है।
दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (2) की पूर्ति कीजिए ।
दिए गए गद्यांश में भारतवर्ष की सांस्कृतिक और दार्शनिक दृष्टि का वर्णन किया गया है। यह बताता है कि भारत ने कभी भी भौतिक वस्तुओं को अत्यधिक महत्व नहीं दिया, बल्कि मनुष्य के भीतर की कुछ विशेष गुणों को ही सर्वोच्च माना है। प्रश्न रिक्त स्थान (2) के लिए सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करने के लिए कहता है।
गद्यांश का वह अंश जहाँ रिक्त स्थान (2) है, इस प्रकार है:
"उसकी दृष्टि से मनुष्य के भीतर जो महान (2). ______ गुण स्थिर भाव से बैठा हुआ है, वही चरम और परम है।"
यह वाक्य बताता है कि भारत की दृष्टि में, मनुष्य के 'भीतर' स्थित एक 'महान गुण' ही सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम सत्य है। हमें ऐसा शब्द चुनना है जो इस 'गुण' की प्रकृति या स्थान का वर्णन करे, खासकर उसके 'भीतर' होने के संदर्भ में।
आइए दिए गए विकल्पों पर विचार करें:
'मनुष्य के भीतर जो महान ______ गुण' वाक्यांश में, 'भीतर' शब्द स्पष्ट रूप से बताता है कि गुण व्यक्ति के अंदर है। विकल्पों में से, 'आंतरिक' शब्द का अर्थ ही 'भीतरी' होता है, जो इस संदर्भ में बिल्कुल सही बैठता है। यह गुण भौतिक या बाहरी न होकर व्यक्ति के अंतरात्मा या चरित्र से संबंधित है।
इसलिए, रिक्त स्थान (2) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्द 'आंतरिक' है।
सही शब्द भरने के बाद वाक्य इस प्रकार होगा:
"उसकी दृष्टि से मनुष्य के भीतर जो महान आंतरिक गुण स्थिर भाव से बैठा हुआ है, वही चरम और परम है।"
| विकल्प | अर्थ | उपयुक्तता |
|---|---|---|
| विशेष | खास, अद्वितीय | सीधे 'भीतर' होने का संकेत नहीं |
| आंतरिक | भीतरी, अंदरूनी | 'मनुष्य के भीतर' से मेल खाता है |
| महत्त्वपूर्ण | अहम, जरूरी | स्थान का वर्णन नहीं करता |
| बाह्य | बाहरी | 'भीतर' का विपरीत |
इस अनुभाग में हम गद्यांश के रिक्त स्थानों और उनके संभावित उत्तरों की समीक्षा करेंगे (चूंकि प्रश्न केवल रिक्त स्थान 2 पर केंद्रित है, हम उसी पर ध्यान केंद्रित करेंगे)।
| रिक्त स्थान संख्या | गद्यांश का अंश | सर्वाधिक उपयुक्त शब्द | चयन का कारण |
|---|---|---|---|
| (2) | मनुष्य के भीतर जो महान (2). ______ गुण | आंतरिक | गुण 'मनुष्य के भीतर' है, इसलिए 'भीतरी' या 'आंतरिक' शब्द उपयुक्त है। |
यह गद्यांश भारतीय दर्शन के एक महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डालता है।
गद्यांश आगे बताता है कि लोभ, मोह, काम, क्रोध जैसे विकारों को प्रधानता देना गलत है, और उन्हें 'बंधन' में रखना चाहिए, जो आंतरिक नियंत्रण या नैतिक सीमाओं का संकेत देता है। यह फिर से आंतरिक अनुशासन और गुणों के महत्व को रेखांकित करता है।
रिक्त स्थान 1 की पूर्ति के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।