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Question

दिए गए गद्यांश में से कुछ शब्दों को हटा दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पूछे गए प्रश्नों में उन रिक्त स्थानों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्दों का चयन विकल्पों में से कीजिए।

भारतवर्ष ने कभी भी भौतिक वस्तुओं के (1). ______ को बहुत अधिक महत्त्व नहीं दिया है। उसकी दृष्टि से मनुष्य के भीतर जो महान (2). ______ गुण स्थिर भाव से बैठा हुआ है, वही चरम और परम है। लोभ-मोह, काम-क्रोध आदि विचार मनुष्य में (3). ______ रूप से विद्यमान रहते हैं, पर उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुद्धि को उन्हीं के इशारे पर छोड़ देना बहुत बुरा (4) ______ है। भारतवर्ष ने कभी भी उन्हें उचित नहीं माना, उन्हें सदा (5). ______ के बंधन से बाँधकर रखने का प्रयत्न किया है।

दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (4) की पूर्ति कीजिए ।

The correct answer is आचरण

गद्यांश के रिक्त स्थान (4) की पूर्ति: सही शब्द का चयन

दिए गए गद्यांश में हमें रिक्त स्थान (4) के लिए सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करना है। यह गद्यांश भारतवर्ष के दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें भौतिक वस्तुओं से अधिक महत्त्व आंतरिक गुणों को दिया गया है।

रिक्त स्थान (4) निम्नलिखित वाक्य में है:

"लोभ-मोह, काम-क्रोध आदि विचार मनुष्य में (3). ______ रूप से विद्यमान रहते हैं, पर उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुद्धि को उन्हीं के इशारे पर छोड़ देना बहुत बुरा (4) ______ है।"

इस वाक्य में बताया गया है कि लोभ, मोह, काम, क्रोध जैसे नकारात्मक विचार स्वाभाविक रूप से मनुष्य में होते हैं। लेकिन इन विचारों को ही मुख्य शक्ति मान लेना और उनके अनुसार अपने मन और बुद्धि को चलने देना एक गलत ____ है। हमें यह पता लगाना है कि इस 'गलत' चीज़ को सबसे अच्छे तरीके से किस शब्द से व्यक्त किया जा सकता है।

दिए गए विकल्प

  1. कार्य
  2. तरीक़ा
  3. प्रणाली
  4. आचरण

विकल्पों का विश्लेषण और रिक्त स्थान (4) के लिए उपयुक्त शब्द

आइए प्रत्येक विकल्प पर विचार करें:

  • कार्य (Work/Deed): लोभ-मोह आदि के इशारे पर चलना एक प्रकार का 'कार्य' या 'कर्म' हो सकता है, लेकिन 'बहुत बुरा कार्य' कहना थोड़ा सामान्य है। संदर्भ व्यक्ति के समग्र व्यवहार या चरित्र से संबंधित अधिक प्रतीत होता है।
  • तरीक़ा (Method/Way): लोभ-मोह के इशारे पर चलना किसी चीज़ को करने का 'तरीक़ा' नहीं है। यह मन की एक अवस्था और उसके परिणामस्वरूप होने वाले व्यवहार को इंगित करता है। यह विकल्प यहाँ फिट नहीं बैठता।
  • प्रणाली (System): 'प्रणाली' का अर्थ होता है कोई व्यवस्था या सिस्टम। लोभ-मोह के इशारे पर चलने को 'बहुत बुरी प्रणाली' कहना बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं है।
  • आचरण (Conduct/Behavior): 'आचरण' का अर्थ होता है व्यवहार, चाल-चलन या कंडक्ट। जब कोई व्यक्ति लोभ, मोह, काम, क्रोध जैसे नकारात्मक विचारों के वशीभूत होकर कार्य करता है, तो इसे 'बहुत बुरा आचरण' कहा जाता है। यह शब्द व्यक्ति के नैतिक या अनैतिक व्यवहार को दर्शाता है और दिए गए संदर्भ में पूरी तरह सटीक बैठता है। लोभ-मोह आदि के वश में होना और उनके अनुसार चलना व्यक्ति के आचरण को दूषित करता है।

इसलिए, वाक्य के अर्थ और संदर्भ को देखते हुए, रिक्त स्थान (4) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शब्द 'आचरण' है।

पूरा वाक्य तब होगा:

"लोभ-मोह, काम-क्रोध आदि विचार मनुष्य में (3). ______ रूप से विद्यमान रहते हैं, पर उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुद्धि को उन्हीं के इशारे पर छोड़ देना बहुत बुरा आचरण है।"

निष्कर्ष: रिक्त स्थान 4 के लिए सही शब्द

उपरोक्त विश्लेषण के आधार पर, दिए गए विकल्पों में से 'आचरण' शब्द रिक्त स्थान (4) को भरने के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह नकारात्मक भावनाओं के वशीभूत होने के परिणामस्वरूप होने वाले बुरे व्यवहार या कंडक्ट को सही ढंग से दर्शाता है।

रिक्त स्थान संदर्भ वाक्य का भाग उपयुक्त शब्द कारण
(4) ...उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुद्धि को उन्हीं के इशारे पर छोड़ देना बहुत बुरा ______ है। आचरण यह व्यक्ति के व्यवहार या चाल-चलन को दर्शाता है, जो नकारात्मक भावनाओं के वशीभूत होने पर बुरा हो जाता है।

गद्यांश विश्लेषण और शब्द चयन प्रक्रिया

गद्यांश भारत की सांस्कृतिक और नैतिक मान्यताओं को बताता है। यह बताता है कि भारत ने भौतिक वस्तुओं को ज़्यादा महत्व नहीं दिया, बल्कि मनुष्य के आंतरिक गुणों को परम माना है। इसमें लोभ, मोह, काम, क्रोध जैसे विकारों का उल्लेख है और बताया गया है कि ये स्वाभाविक रूप से होते हैं, लेकिन इन्हें नियंत्रित करना ज़रूरी है। इन्हें अनियंत्रित छोड़ देना 'बुरा आचरण' कहलाता है, जिससे बचना चाहिए। शब्द 'आचरण' इस नैतिक संदर्भ में बिल्कुल सही बैठता है।

रिवीजन टेबल: महत्वपूर्ण शब्द और अर्थ

शब्द अर्थ गद्यांश संदर्भ
भौतिक वस्तुएँ Material things; Physical objects सांसारिक चीज़ें जिनका मूल्य भारत ने कम माना।
आचरण Conduct; Behavior मनुष्य का व्यवहार, जो लोभ-मोह आदि के वश में होने पर बुरा हो जाता है।
प्रधान शक्ति Main power; Primary force लोभ-मोह आदि जिन्हें प्रधान शक्ति नहीं मानना चाहिए।
लोभ-मोह, काम-क्रोध Greed, attachment, lust, anger मनुष्य के भीतर स्वाभाविक रूप से विद्यमान विकार।

अतिरिक्त जानकारी: भारतीय नैतिकता और आचरण

भारतीय दर्शन और नैतिकता में 'आचरण' पर बहुत ज़ोर दिया गया है। यह माना जाता है कि व्यक्ति का आंतरिक स्वभाव उसके बाहरी आचरण को प्रभावित करता है। लोभ, मोह, काम, क्रोध जैसे विकार मन को अशांत करते हैं और व्यक्ति को गलत कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे 'बुरा आचरण' उत्पन्न होता है। भारतीय परंपरा में इन विकारों पर नियंत्रण पाने और 'सदाचरण' (अच्छा आचरण) अपनाने की शिक्षा दी जाती है। गद्यांश इसी नैतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहाँ इन विकारों को प्रधानता देना एक 'बुरा आचरण' माना गया है।

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Important Questions from रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (1) की पूर्ति कीजिए ।
  2. दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (2) की पूर्ति कीजिए ।
  3. दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (3) की पूर्ति कीजिए ।
  4. दिए गए शब्दों में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थान (5) की पूर्ति कीजिए ।
  5. रिक्त स्थान 1 की पूर्ति के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

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