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Question

'शुद्ध कविता की खोज' (1956) रचना किसकी है?

The correct answer is

रामधारी सिंह दिनकर

'शुद्ध कविता की खोज' रचना के लेखक: रामधारी सिंह दिनकर

'शुद्ध कविता की खोज' हिंदी साहित्य की एक महत्वपूर्ण आलोचनात्मक कृति है। यह पुस्तक 1956 में प्रकाशित हुई थी। इस रचना के लेखक का नाम अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है, और यह रामधारी सिंह दिनकर जी की प्रसिद्ध गद्य रचनाओं में से एक है।

आइए, दिए गए विकल्पों का विश्लेषण करके सही उत्तर की पहचान करें:

  • महादेवी वर्मा: ये हिंदी साहित्य की छायावादी युग की प्रमुख स्तंभों में से एक हैं, लेकिन 'शुद्ध कविता की खोज' इनकी रचना नहीं है।
  • भागीरथी मिश्र: ये भी हिंदी साहित्य के विद्वान रहे हैं, परंतु यह विशिष्ट रचना इनकी नहीं है।
  • शांतिप्रिय द्विवेदी: ये हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक रहे हैं, लेकिन 'शुद्ध कविता की खोज' दिनकर जी का कार्य है।
  • रामधारी सिंह दिनकर: रामधारी सिंह दिनकर जी हिंदी के महान कवि, निबंधकार और आलोचक थे। 'शुद्ध कविता की खोज' कविता के स्वरूप और उसकी शुचिता पर उनके विचारों का संग्रह है। यह पुस्तक उन्हीं के द्वारा लिखी गई है।

अतः, सही उत्तर रामधारी सिंह दिनकर हैं। यह पुस्तक हिंदी आलोचना साहित्य में अपना विशेष स्थान रखती है।

रामधारी सिंह दिनकर और 'शुद्ध कविता की खोज'

रामधारी सिंह दिनकर (1908-1974) आधुनिक हिंदी साहित्य के एक प्रमुख हस्ताक्षर हैं। वे 'राष्ट्रकवि' के रूप में भी जाने जाते हैं। उनकी कविताएँ ओजस्वी और राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत होती थीं, लेकिन गद्य में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'शुद्ध कविता की खोज' उनकी आलोचनात्मक प्रतिभा का परिचायक है। इसमें वे कविता के विभिन्न पहलुओं, उसकी आत्मा और बाह्य स्वरूप पर विचार करते हैं।

Revision Table: प्रमुख हिंदी लेखक और उनकी रचनाएँ

लेखक का नाम प्रमुख रचनाएँ
रामधारी सिंह दिनकर उर्वशी, कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, संस्कृति के चार अध्याय, शुद्ध कविता की खोज
महादेवी वर्मा यामा, नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ
शांतिप्रिय द्विवेदी साहित्यिकी, संचारिणी, युग और साहित्य, धरातल, प्रतिष्ठान

Additional Information: 'शुद्ध कविता की खोज' के विषय

'शुद्ध कविता की खोज' में रामधारी सिंह दिनकर ने कविता की परिभाषा, उसका उद्देश्य, छंद, अलंकार, रस, बिंब, प्रतीक आदि तत्वों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। वे कविता की आंतरिक शक्ति और कलात्मक सौंदर्य दोनों पर बल देते हैं। यह पुस्तक हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों और अध्येताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। यह दिनकर जी की गद्य शैली का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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Important Questions from आधुनिक काल

  1. प्रकाशन वर्ष के अनुसार निम्नलिखित उपन्यासों का सही अनुक्रम क्या है ?

    (1) मानस का हंस

    (2) पीढ़ियाँ

    (3) खंजन नयन

    (4) सुहाग के नूपुर

    सही विकल्प चुनिए :

  2. निम्नलिखित उपन्यासों के पात्रों का सही मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही विकल्प का चयन कीजिए:

    a.

    मैला आँचल

    1.

    अमरपाल सिंह

    b.

    नदी के द्वीप

    2.

    डॉ० प्राणनाथ

    c.

    गोदान

    3.

    हरगौरी सिंह

    d.

    झूठा सच

    4.

    डॉ० भुवन

  3. मैथिलीशरण गुप्त की पहली काव्यकृति जो सन् 1909 ई. में प्रकाशित हुई थी, कौन-सी है?

  4. इस जनम में तो कोई आशा नहीं है भाई ! हम राज नहीं चाहते, भोग-विलास नहीं चाहते खाली मोटा-झोटा पहनना और मोटा-झोटा खाना, और मरजाद के साथ रहना चाहते हैं I वह भी नहीं सधता I' किस उपन्यास का वाक्य है?

  5. रचनाकाल के अनुसार भारतेंदु के निम्न नाटकों का सही क्रम पहचानिए I

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