निम्न रचना किसकी है? "चारो डहर सवाल उगे हे, मूड़ उचाए करगा कस I ये ला लू के सफल किसनहा, हर जुबान सिरजा लेथे॥''
प्रस्तुत प्रश्न दिए गए काव्य पंक्तियों के रचनाकार की पहचान करने से संबंधित है। ये पंक्तियाँ छत्तीसगढ़ी भाषा में रचित हैं, जो छत्तीसगढ़ के जनजीवन और भावनाओं को दर्शाती हैं।
दी गई रचना की पंक्तियाँ इस प्रकार हैं:
“चारो डहर सवाल उगे हे,
मूड़ उचाए करगा कस I
ये ला लू के सफल किसनहा,
हर जुबान सिरजा लेथे॥”
उपरोक्त पंक्तियों के रचनाकार मुकुन्द कौशल हैं। वे छत्तीसगढ़ी साहित्य के एक प्रसिद्ध और सम्मानित कवि एवं लेखक हैं। मुकुन्द कौशल ने अपनी रचनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, ग्रामीण जीवन, किसानों की स्थिति और सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया है। उनकी रचनाएँ छत्तीसगढ़ी समाज में अपनी प्रासंगिकता और साहित्यिक मूल्य के लिए व्यापक रूप से जानी जाती हैं।
इन पंक्तियों में, कवि मुकुन्द कौशल ने किसानों की चुनौतियों और उनकी अटूट भावना का सुंदर चित्रण किया है। "चारो डहर सवाल उगे हे" यह दर्शाता है कि किसानों के सामने चारों दिशाओं से समस्याएँ (सवाल) उठ खड़ी होती हैं। "मूड़ उचाए करगा कस" पंक्ति यह बताती है कि किसान करगा (एक प्रकार का पक्षी जो अपनी सतर्कता के लिए जाना जाता है) की तरह सिर उठाकर, दृढ़ता से इन समस्याओं का सामना करते हैं। अंतिम पंक्तियाँ, "ये ला लू के सफल किसनहा, हर जुबान सिरजा लेथे॥", यह संदेश देती हैं कि सफल किसान इन चुनौतियों को सहर्ष स्वीकार कर उनसे पार पाते हैं, और अपनी मेहनत तथा सफलता से हर जुबान पर अपनी पहचान बना लेते हैं। यह काव्य पंक्ति मुकुन्द कौशल के गहरे अवलोकन और मर्मस्पर्शी लेखन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
दिए गए विकल्पों में से, मुकुन्द कौशल ही इन विशिष्ट और प्रसिद्ध पंक्तियों के वास्तविक रचनाकार हैं। अन्य विकल्प इस रचना से संबंधित नहीं हैं:
सूची-। को सूची-।। से सुमेलित करें :
सूची-। निबंध | सूची-।। पंक्ति |
| A. उठ जाग मुसाफिर | I. हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले स्वभाव से साधु होते हैं। |
| B. उत्तराफाल्गुनी के आस-पास | II. जवानी की आँखों में ज्वाला होती है, बुढ़ापे की आँखों में प्रकाश होता है। |
| C. मजदूरी और प्रेम | III. अल्पज्ञ पिता बड़ा दयनीय जीव होता है। |
| D. नाखून क्यों बढ़ते हैं | IV. जवानी एक चमाचम धारदार खड्ग है। |
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