A. मुर्दहिया के गिद्ध तथा लोकजीवन
B. भुतही पारिवारिक पृष्ठभूमि
C. भुतनिया नागिन
D. मुर्दहिया तथा स्कूली जीवन
E. अकाल में अंधविश्वास
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'मुर्दहिया', दलित साहित्य के महत्त्वपूर्ण लेखक तुलसीराम द्वारा लिखी गई एक मार्मिक आत्मकथा है। यह कृति लेखक के जीवन के विभिन्न पड़ावों और अनुभवों को दर्शाती है, जिसे उन्होंने कई उपशीर्षकों के अंतर्गत प्रस्तुत किया है। इन उपशीर्षकों का एक निश्चित क्रम है जो लेखक की जीवन यात्रा को समझने में मदद करता है।
प्रश्न में दिए गए उपशीर्षकों का सही क्रम, जैसा कि आत्मकथा में प्रस्तुत किया गया है, निम्नलिखित है:
इस प्रकार, तुलसीराम की 'मुर्दहिया' आत्मकथा के उपशीर्षकों का सही क्रम B, D, E, A, C है। यह क्रम लेखक के जीवन के व्यक्तिगत, सामाजिक और सांस्कृतिक अनुभवों के विकास को तार्किक रूप से प्रस्तुत करता है।
निम्न रचना किसकी है?
"चारो डहर सवाल उगे हे,
मूड़ उचाए करगा कस I
ये ला लू के सफल किसनहा,
हर जुबान सिरजा लेथे॥''
सूची-। को सूची-।। से सुमेलित करें :
सूची-। निबंध | सूची-।। पंक्ति |
| A. उठ जाग मुसाफिर | I. हल चलाने वाले और भेड़ चराने वाले स्वभाव से साधु होते हैं। |
| B. उत्तराफाल्गुनी के आस-पास | II. जवानी की आँखों में ज्वाला होती है, बुढ़ापे की आँखों में प्रकाश होता है। |
| C. मजदूरी और प्रेम | III. अल्पज्ञ पिता बड़ा दयनीय जीव होता है। |
| D. नाखून क्यों बढ़ते हैं | IV. जवानी एक चमाचम धारदार खड्ग है। |
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