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Question

निम्न लिखित 6 वाक्याशों में से प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(1) विश्व की रंग संस्कृतियों में

(य) तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि

(र) अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता

(ल) भारतीय रंगमंच परम्परा

(व) के कारण आज भी

(6) अपना विशिष्ट स्थान रखता है

The correct answer is

ल र य व

वाक्याशों का क्रम निर्धारण

इस प्रश्न में हमें छह वाक्याशों को सही क्रम में व्यवस्थित करना है ताकि वे एक अर्थपूर्ण वाक्य बना सकें। पहला (1) और अंतिम (6) वाक्याश निश्चित हैं। हमें बीच के चार वाक्याशों (य, र, ल, व) को उचित क्रम में लगाना है।

दिए गए वाक्याश इस प्रकार हैं:

  1. विश्व की रंग संस्कृतियों में
  2. य) तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि
  3. र) अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता
  4. ल) भारतीय रंगमंच परम्परा
  5. व) के कारण आज भी
  6. अपना विशिष्ट स्थान रखता है

वाक्य का पहला भाग (1) 'विश्व की रंग संस्कृतियों में' है और अंतिम भाग (6) 'अपना विशिष्ट स्थान रखता है' है। हमें एक ऐसा क्रम खोजना है जो इन दो भागों के बीच फिट हो और वाक्य का विषय और उसके बारे में जानकारी स्पष्ट करे।

वाक्य का विषय क्या है जो अपना विशिष्ट स्थान रखता है? यह है 'भारतीय रंगमंच परम्परा'। इसलिए, निश्चित भाग (1) के बाद 'ल' (भारतीय रंगमंच परम्परा) आना चाहिए।

अब वाक्य कुछ इस तरह शुरू होगा:

विश्व की रंग संस्कृतियों में भारतीय रंगमंच परम्परा...

अब, भारतीय रंगमंच परम्परा अपना विशिष्ट स्थान क्यों रखता है? इसके कारणों या विशेषताओं का उल्लेख होना चाहिए। वाक्याश 'र' (अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता) और 'य' (तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि) इसकी विशेषताओं का वर्णन करते हैं। वाक्याश 'व' (के कारण आज भी) एक परिणाम या कारण बताता है, जो विशेषताओं के बाद आएगा।

इसलिए, 'ल' के बाद विशेषताएँ आएंगी। 'र' और 'य' एक साथ आकर विशेषताएँ बताते हैं ('अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि')। तो, 'ल' के बाद 'र' और फिर 'य' आएगा।

अब तक का क्रम:

विश्व की रंग संस्कृतियों में भारतीय रंगमंच परम्परा अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि...

इन विशेषताओं के कारण ही यह अपना स्थान रखता है। इसलिए, इन विशेषताओं के बाद 'व' (के कारण आज भी) आएगा।

क्रम अब होगा:

विश्व की रंग संस्कृतियों में भारतीय रंगमंच परम्परा अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि के कारण आज भी...

यह क्रम निश्चित अंतिम भाग (6) 'अपना विशिष्ट स्थान रखता है' से जुड़ जाएगा।

पूरा वाक्य इस प्रकार बनेगा:

विश्व की रंग संस्कृतियों में भारतीय रंगमंच परम्परा अपनी प्राचीनता, अनोखी कल्पनाशीलता तथा अनुपम सौंदर्य दृष्टि के कारण आज भी अपना विशिष्ट स्थान रखता है

वाक्याशों का सही क्रम है: ल, र, य, व।

दिए गए विकल्पों में, विकल्प 3 इस क्रम (ल र य व) से मेल खाता है।

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Important Questions from क्रम व्यवस्थापन

  1. निम्नलिखित 6 वाक्यांशों में से प्रथम व अंतिम निच्श्रित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए |

    (1) निराला जी ने केवल

    (य) कविताएँ ही नहीं लिखी

    (र) में भी शासन के विरुद्ध

    (ल) अपितु साहित्य की अन्य विधाओं

    (व) विभिन्न नामों से

    (6) अपनी कलम चलाई

  2. निम्नलिखित 6 वाक्यांशों में से प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए |

    (1) यूनानियों के लिए

    (य) विज्ञान और दर्शन में

    (र) क्योंकि सभी दर्शनिक

    (ल) भौतिक संसार के स्वरुप को

    (व) कोई अंतर नहीं था

    (6) बदलने का प्रयत्न करते थे

  3. निम्नलिखित 6 वाक्यांशो में से प्रथम व अंतिम निश्चित है, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए-

    1. भारतीय

    य. का कहीं अधिक

    र. विद्वानों, बुद्धिमानों तथा साधु संतों

    ल. धनवानों और सत्ताधारियों

    व. की अपेक्षा

    6. आदर सत्कार करते हैं

  4. निम्नलिखित 6 वाक्यांशो में से प्रथम व अंतिम निश्चित है, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए-

    1. स्वतन्त्र भारत का

    य. क्योंकि आज जो विद्यार्थी हैं वे कल

    र. उन्नति और उसका उत्थान इन्ही पर

    ल. सम्पूर्ण दायित्व आज विद्यार्थियों पर है

    व. स्वतंत्र भारत के नागरिक होगें तथा भारत की

    6. निर्भर करता है

  5. निम्न लिखित 6 वाक्याशों में से प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

    (1) कबीर अकेले संत कवि हैं

    (य) को सर्वोच्य मूल्य के

    (र) जिन्होंने समस्त धार्मिक

    (ल) नकार कर सहज जीवन-पद्धति

    (व) आडम्बरों एवं बाह्याचारों को

    (6) रूप में प्रतिष्ठित किया है

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