लिंक-स्टेट रूटिंग (Link-State Routing) एक प्रकार की नेटवर्किंग प्रक्रिया है जिसका उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि डेटा पैकेट को स्रोत से गंतव्य तक भेजने के लिए सबसे अच्छा मार्ग कौन सा है। यह डिस्टेंस-वेक्टर रूटिंग जैसे अन्य प्रोटोकॉल से अलग तरीके से काम करता है।
लिंक-स्टेट रूटिंग का मुख्य लक्ष्य नेटवर्क में प्रत्येक नोड (जैसे राउटर) को नेटवर्क की पूरी जानकारी (टोपोलॉजी) प्रदान करना है। इसके आधार पर, प्रत्येक नोड स्वतंत्र रूप से किसी भी गंतव्य तक पहुंचने के लिए सबसे कम लागत वाला मार्ग (least-cost path) की गणना करता है।
इसलिए, सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रत्येक नोड को किसी भी गंतव्य के लिए सबसे कम लागत वाला मार्ग खोजने में सक्षम बनाना है।
आइए देखें कि अन्य विकल्प लिंक-स्टेट रूटिंग के प्राथमिक उद्देश्य क्यों नहीं हैं:
इस प्रकार, लिंक-स्टेट रूटिंग का मुख्य फोकस नेटवर्क टोपोलॉजी का ज्ञान और उसके आधार पर सबसे कम लागत वाले मार्गों की गणना करना है।
What is the full form of DHCP in networking system?
_________ facilitates short-range wireless connectivity.
A. Modem
B. Firewall
C. Bluetooth
D. Set-Top box
Which of the following is NOT a layer of the Internet Protocol Suite (TCP/IP)?
Which of the following devices is most commonly used to connect multiple computers within a Local Area Network (LAN) and also efficiently manage data traffic by only sending data to the device it is intended for?
Which of the following is a type of network that allows users from outside to access the Intranet of an organisation?