निम्न लिखित 6 वाक्यांशों में से प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए। (1)- स्वदेश-प्रेम के (य)- नागरिकों ने देश के (र)- सदा (ल)- आह्वान पर (व)- वशीभूत होकर (6)- बड़े से बड़ा त्याग किया है।
व य ल र
इस प्रश्न में हमें दिए गए छह वाक्यांशों में से पहले और अंतिम वाक्यांश को स्थिर रखते हुए, बीच के चार वाक्यांशों (य, र, ल, व) को इस प्रकार व्यवस्थित करना है कि एक पूर्ण और अर्थपूर्ण वाक्य बन सके।
दिए गए वाक्यांश हैं:
हमें (1) और (6) के बीच य, र, ल, व को सही क्रम में रखना है। वाक्य का आरंभ 'स्वदेश-प्रेम के' से होता है और अंत 'बड़े से बड़ा त्याग किया है' से होता है।
आइए दिए गए वाक्यांशों के अर्थ को समझें और देखें कि वे एक दूसरे से कैसे जुड़ सकते हैं:
'स्वदेश-प्रेम के' के बाद क्या आ सकता है? 'स्वदेश-प्रेम के वशीभूत होकर' एक संभावित और स्वाभाविक जुड़ाव लगता है, जिसका अर्थ है 'देश प्रेम के प्रभाव में आकर'। यदि हम 'व' को पहले रखते हैं, तो वाक्य का हिस्सा बनता है: स्वदेश-प्रेम के वशीभूत होकर...
इसके बाद क्या आ सकता है? 'वशीभूत होकर' के बाद क्रिया का कर्ता आना चाहिए, जो यहाँ 'नागरिकों ने देश के' लगता है। तो, क्रम हो सकता है: स्वदेश-प्रेम के वशीभूत होकर नागरिकों ने देश के...
'नागरिकों ने देश के' के बाद क्या आएगा? 'देश के आह्वान पर' (देश के बुलावे पर) एक अच्छा जुड़ाव है। तो, क्रम आगे बढ़ता है: स्वदेश-प्रेम के वशीभूत होकर नागरिकों ने देश के आह्वान पर...
अब केवल 'र' बचा है और अंत 'बड़े से बड़ा त्याग किया है' है। 'आह्वान पर' के बाद 'सदा' (हमेशा) और फिर अंत क्रिया 'त्याग किया है' आ सकती है। तो, अंतिम क्रम बनता है: स्वदेश-प्रेम के वशीभूत होकर नागरिकों ने देश के आह्वान पर सदा बड़े से बड़ा त्याग किया है।
इस प्रकार, बीच के वाक्यांशों का सही क्रम व, य, ल, र है।
सही क्रम में व्यवस्थित करने पर बना पूर्ण वाक्य है:
स्वदेश-प्रेम के वशीभूत होकर नागरिकों ने देश के आह्वान पर सदा बड़े से बड़ा त्याग किया है।
यह वाक्य व्याकरण की दृष्टि से सही है और इसका स्पष्ट अर्थ है।
दिए गए वाक्यांशों को सही क्रम में रखने पर 'व य ल र' अनुक्रम बनता है, जो निश्चित आरंभ और अंत के साथ मिलकर एक पूर्ण और सार्थक वाक्य बनाता है।
निम्नलिखित 6 वाक्यांशो में से प्रथम व अंतिम निश्चित है, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
1. सामाजिक जीवन में
य. क्रोध की जरुरत बराबर पड़ती है
र. मनुष्य दूसरों के द्वारा पहुंचाए जाने वाले बहुत से
ल. यदि क्रोध न हो तो
व. कष्टों की चिर निवृत्ति का
6. उपाय ही न कर सके
निम्न लिखित 6 वाक्यांशों में से प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(1)- आज भी
(य)- एक धनी किसान से
(र)- ग्रामीण समाज में
(ल)- प्राथमिक स्कूल के अध्यापक को
(व)- गाँव के
(6)- अधिक आदरणीय स्थान प्राप्त है।
निम्नलिखित 6 वाक्यांशों में प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
(1) जो व्यक्ति
(य) योग-साधना करता है, उसे
(र) तन-मन से सच्ची
(ल) में कोई कठिनाई नहीं होती है, अर्थात्
(व) सभी प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति
(6) सभी सिद्धियां सहजतापूर्वक मिल जाती हैं!
निम्न लिखित 6 वाक्यांशों में प्रथम व अंतिम निश्चित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
(1) संविधान में
(य) विशिष्ट बहुमत से
(र) संशोधन उसी स्थिति में हो सकता है
(ल) दोनो सदनों में
(व) जबकि संशोधन विधेयक
(6) पास कर दिया जाए!
निम्नलिखित 6 वाक्यांशों में प्रथम व अंतिम निच्श्रित हैं, शेष को उचित क्रम में व्यवस्थित कीजिए -
(1) गाँव और जंगलों में
(य) लोक कथाओं में
(र) स्वच्छंद जन्म लेने वाले
(ल) मानवीय संस्कृति का
(व) लोक-गीतों और
(6) अमित भंडार भरा है |