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UP Police SI 2020 Question Paper (28-Nov-2021) (Shift-1); Download PDF

UP Police SI 2020 Question Paper for 28-Nov-2021 Shift-1 is available here in PDF format and attempt it as a real exam test to assess your performance. The paper follows an objective-type format covering General Hindi, Law/Constitution, General Knowledge, and Numerical & Mental Ability. It comprises 160 questions for 400 marks, with each question carrying 2.5 marks and no negative marking.

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UP Police SI 2020 Question Paper (28-Nov-2021) (Shift-1)
120 Minutes
160 Questions
400 Marks
English
Showing 1 - 5 of 40 questions
Page 1 of 8

Q1.

प्याला देना' - मुहावरे का अर्थ क्या है?

Q2.

अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :- 

कोई भी पक्षी अपने घोंसले को नष्ट नहीं करेगा। परंतु अपेक्षाकृत अधिक बुद्धिमान मानव (होमोसेपियंस) इस हानिकारक कार्य में काफ़ी चतुर है। हाल के वर्षों में प्रौद्योगिकी में जो प्रगति हुई है उसे प्रौद्योगिकी क्रांति की संज्ञा दी गई है। यह क्रांति, अन्य सभी क्रांतियों की भांति असफल रही है। एक ओर तो इसके कारण दुर्लभ सामग्री की खपत तेज हुई, दूसरी ओर इसने काफ़ी अवांछित कचरे को उत्पन्न कर दिया है। इससे कचरे का ढेर लगता जा रहा है और इसका निपटान करना मुश्किल हो गया है। इनमें कुछ कचरा जैसे संश्लेषित प्लास्टिक बायो-डिग्रेडबल नहीं हैं। परंतु इन सब में सबसे खराब वे प्रदूषक हैं जिन्हें उन्नत प्रौद्योगिकी हमारे चारों ओर फैला रही है। अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण से वनस्पति को हानि पहुँच सकती है और सामान्यतः पौधे की वृद्धि में रुकावट आ सकती है। इसकी झलक हमें पौधों के उत्पादों में अपेक्षाकृत कम पोषकता तथा उसके परिणाम स्वरूप इनपर निर्भर रहने वाले जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों में मिलती है। हमारे कारखाने भारी मात्रा में ऐसा कचरा नदियों और झीलों में डाल रहे हैं जिनमें घुलनशील नाइट्रोजन और फास्फेट है। इनसे पानी में शैवाल और उसी प्रकार के सूक्ष्मजीवों की प्रचुरता हो जाती है जो अन्य प्राणियों के लिए घातक सिद्ध होते हैं और अंततः वे सब मिट जाते हैं। ज्वलनशीलन ईंधन का व्यापक प्रयोग सभी प्राणियों के लिए दो तरह से हानिकर है। यह ऑक्सीजन की मात्रा कम कर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बढ़ाता है।

उक्त अनुच्छेद के अनुसार कौन-सा कथन सही नहीं है? 

Q3.

अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :- 

कोई भी पक्षी अपने घोंसले को नष्ट नहीं करेगा। परंतु अपेक्षाकृत अधिक बुद्धिमान मानव (होमोसेपियंस) इस हानिकारक कार्य में काफ़ी चतुर है। हाल के वर्षों में प्रौद्योगिकी में जो प्रगति हुई है उसे प्रौद्योगिकी क्रांति की संज्ञा दी गई है। यह क्रांति, अन्य सभी क्रांतियों की भांति असफल रही है। एक ओर तो इसके कारण दुर्लभ सामग्री की खपत तेज हुई, दूसरी ओर इसने काफ़ी अवांछित कचरे को उत्पन्न कर दिया है। इससे कचरे का ढेर लगता जा रहा है और इसका निपटान करना मुश्किल हो गया है। इनमें कुछ कचरा जैसे संश्लेषित प्लास्टिक बायो-डिग्रेडबल नहीं हैं। परंतु इन सब में सबसे खराब वे प्रदूषक हैं जिन्हें उन्नत प्रौद्योगिकी हमारे चारों ओर फैला रही है। अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण से वनस्पति को हानि पहुँच सकती है और सामान्यतः पौधे की वृद्धि में रुकावट आ सकती है। इसकी झलक हमें पौधों के उत्पादों में अपेक्षाकृत कम पोषकता तथा उसके परिणाम स्वरूप इनपर निर्भर रहने वाले जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों में मिलती है। हमारे कारखाने भारी मात्रा में ऐसा कचरा नदियों और झीलों में डाल रहे हैं जिनमें घुलनशील नाइट्रोजन और फास्फेट है। इनसे पानी में शैवाल और उसी प्रकार के सूक्ष्मजीवों की प्रचुरता हो जाती है जो अन्य प्राणियों के लिए घातक सिद्ध होते हैं और अंततः वे सब मिट जाते हैं। ज्वलनशीलन ईंधन का व्यापक प्रयोग सभी प्राणियों के लिए दो तरह से हानिकर है। यह ऑक्सीजन की मात्रा कम कर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बढ़ाता है।

ज्वलनशीलन ईंधन का व्यापक प्रयोग सभी प्राणियों के लिए किस रूप में हानिकर है? 

Q4.

अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :- 

कोई भी पक्षी अपने घोंसले को नष्ट नहीं करेगा। परंतु अपेक्षाकृत अधिक बुद्धिमान मानव (होमोसेपियंस) इस हानिकारक कार्य में काफ़ी चतुर है। हाल के वर्षों में प्रौद्योगिकी में जो प्रगति हुई है उसे प्रौद्योगिकी क्रांति की संज्ञा दी गई है। यह क्रांति, अन्य सभी क्रांतियों की भांति असफल रही है। एक ओर तो इसके कारण दुर्लभ सामग्री की खपत तेज हुई, दूसरी ओर इसने काफ़ी अवांछित कचरे को उत्पन्न कर दिया है। इससे कचरे का ढेर लगता जा रहा है और इसका निपटान करना मुश्किल हो गया है। इनमें कुछ कचरा जैसे संश्लेषित प्लास्टिक बायो-डिग्रेडबल नहीं हैं। परंतु इन सब में सबसे खराब वे प्रदूषक हैं जिन्हें उन्नत प्रौद्योगिकी हमारे चारों ओर फैला रही है। अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण से वनस्पति को हानि पहुँच सकती है और सामान्यतः पौधे की वृद्धि में रुकावट आ सकती है। इसकी झलक हमें पौधों के उत्पादों में अपेक्षाकृत कम पोषकता तथा उसके परिणाम स्वरूप इनपर निर्भर रहने वाले जानवरों और मनुष्यों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभावों में मिलती है। हमारे कारखाने भारी मात्रा में ऐसा कचरा नदियों और झीलों में डाल रहे हैं जिनमें घुलनशील नाइट्रोजन और फास्फेट है। इनसे पानी में शैवाल और उसी प्रकार के सूक्ष्मजीवों की प्रचुरता हो जाती है जो अन्य प्राणियों के लिए घातक सिद्ध होते हैं और अंततः वे सब मिट जाते हैं। ज्वलनशीलन ईंधन का व्यापक प्रयोग सभी प्राणियों के लिए दो तरह से हानिकर है। यह ऑक्सीजन की मात्रा कम कर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को बढ़ाता है।

प्रौद्योगिकी क्रांति का दुष्परिणाम इनमें से कौन-सा नहीं है? 

Q5.

“मेरे भाई के लिए दवाई दीजिए।” – इस वाक्य में कौन-सा कारक है?

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