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UP Police SI 2020 Question Paper (24-Nov-2021) (Shift-2); Download PDF

UP Police SI 2020 Question Paper for 24-Nov-2021 Shift-2 is available here in PDF format and attempt it as a real exam test to assess your performance. The paper follows an objective-type format covering General Hindi, Law/Constitution, General Knowledge, and Numerical & Mental Ability. It comprises 160 questions for 400 marks, with each question carrying 2.5 marks and no negative marking.

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UP Police SI 2020 Question Paper (24-Nov-2021) (Shift-2)
120 Minutes
160 Questions
400 Marks
English, Hindi
Showing 1 - 5 of 40 questions
Page 1 of 8

Q1.

बघेली' का प्रमुख क्षेत्र कौन-सा है?
 

Q2.

अनुच्छेद पढ़कर दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर चुनिए :-
“वैज्ञानिक प्रयोग की सफलता ने मनुष्य की बुद्धि का अपूर्व विकास कर दिया है। द्वितीय विश्वयुद्ध में एटम बम की शक्ति ने कुछ क्षणों में जापान की अजेय शक्ति को पराजित कर दिया। इस शक्ति की युद्धकालीन सफलता ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस आदि सभी देशों को ऐसे शस्त्रास्त्रों की प्रेरणा दी कि सभी भयंकर और सर्वविनाशकारी शस्त्र बनाने लगे। अब सेना को पराजित करने तथा शत्रु-देश पर पैदल सेना द्वारा आक्रमण करने के लिये शस्त्र-निर्माण के स्थान पर देश के विनाश करने की दिशा में शस्त्रास्त्र बनने लगे हैं। इन हथियारों का प्रयोग होने पर शत्रु-देशों की अधिकांश जनता और संपत्ति थोड़े समय में ही नष्ट की जा सकेगी। चूँकि ऐसे शस्त्रास्त्र प्रायः सभी स्वतंत्र देशों के संग्रहालयों में कुछ न कुछ आ गये हैं, अतः युद्ध की स्थिति में उनका प्रयोग भी अनिवार्य हो जायेगा। अगर ऐसा हुआ तो दुनिया को तबाह होते देर न लगेगी। इसीलिये निःशस्त्रीकरण की योजनाएँ बन रही हैं। शस्त्रास्त्रों के निर्माण में जो दिशा अपनाई गई, उसी के अनुसार आज इतने उन्नत शस्त्रास्त्र बन गये हैं, जिनके प्रयोग से व्यापक विनाश आसन्न दिखाई पड़ता है। अब भी परीक्षणों की रोकथाम तथा बने शस्त्रों के प्रयोग को रोकने के मार्ग खोजे जा रहे हैं। इन प्रयासों के मूल में एक भंयकर आतंक और विश्व-विनाश का भय कार्य कर रहा है।"

उपरोक्त गद्यांश में लेखक के अनुसार वैज्ञानिक प्रयोग की सफलता ने मनुष्य की बुद्धि कैसी कर दी है?
 

Q3.

अनुच्छेद पढ़कर दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर चुनिए :-
“वैज्ञानिक प्रयोग की सफलता ने मनुष्य की बुद्धि का अपूर्व विकास कर दिया है। द्वितीय विश्वयुद्ध में एटम बम की शक्ति ने कुछ क्षणों में जापान की अजेय शक्ति को पराजित कर दिया। इस शक्ति की युद्धकालीन सफलता ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस आदि सभी देशों को ऐसे शस्त्रास्त्रों की प्रेरणा दी कि सभी भयंकर और सर्वविनाशकारी शस्त्र बनाने लगे। अब सेना को पराजित करने तथा शत्रु-देश पर पैदल सेना द्वारा आक्रमण करने के लिये शस्त्र-निर्माण के स्थान पर देश के विनाश करने की दिशा में शस्त्रास्त्र बनने लगे हैं। इन हथियारों का प्रयोग होने पर शत्रु-देशों की अधिकांश जनता और संपत्ति थोड़े समय में ही नष्ट की जा सकेगी। चूँकि ऐसे शस्त्रास्त्र प्रायः सभी स्वतंत्र देशों के संग्रहालयों में कुछ न कुछ आ गये हैं, अतः युद्ध की स्थिति में उनका प्रयोग भी अनिवार्य हो जायेगा। अगर ऐसा हुआ तो दुनिया को तबाह होते देर न लगेगी। इसीलिये निःशस्त्रीकरण की योजनाएँ बन रही हैं। शस्त्रास्त्रों के निर्माण में जो दिशा अपनाई गई, उसी के अनुसार आज इतने उन्नत शस्त्रास्त्र बन गये हैं, जिनके प्रयोग से व्यापक विनाश आसन्न दिखाई पड़ता है। अब भी परीक्षणों की रोकथाम तथा बने शस्त्रों के प्रयोग को रोकने के मार्ग खोजे जा रहे हैं। इन प्रयासों के मूल में एक भंयकर आतंक और विश्व-विनाश का भय कार्य कर रहा है।"

'व्यापक विनाश आसन्न दिखाई पड़ता है।' इस वाक्य में 'आसन्न' का क्या अर्थ है?
 

Q4.

अनुच्छेद पढ़कर दिए गए प्रश्नों का सही उत्तर चुनिए :-
“वैज्ञानिक प्रयोग की सफलता ने मनुष्य की बुद्धि का अपूर्व विकास कर दिया है। द्वितीय विश्वयुद्ध में एटम बम की शक्ति ने कुछ क्षणों में जापान की अजेय शक्ति को पराजित कर दिया। इस शक्ति की युद्धकालीन सफलता ने अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस आदि सभी देशों को ऐसे शस्त्रास्त्रों की प्रेरणा दी कि सभी भयंकर और सर्वविनाशकारी शस्त्र बनाने लगे। अब सेना को पराजित करने तथा शत्रु-देश पर पैदल सेना द्वारा आक्रमण करने के लिये शस्त्र-निर्माण के स्थान पर देश के विनाश करने की दिशा में शस्त्रास्त्र बनने लगे हैं। इन हथियारों का प्रयोग होने पर शत्रु-देशों की अधिकांश जनता और संपत्ति थोड़े समय में ही नष्ट की जा सकेगी। चूँकि ऐसे शस्त्रास्त्र प्रायः सभी स्वतंत्र देशों के संग्रहालयों में कुछ न कुछ आ गये हैं, अतः युद्ध की स्थिति में उनका प्रयोग भी अनिवार्य हो जायेगा। अगर ऐसा हुआ तो दुनिया को तबाह होते देर न लगेगी। इसीलिये निःशस्त्रीकरण की योजनाएँ बन रही हैं। शस्त्रास्त्रों के निर्माण में जो दिशा अपनाई गई, उसी के अनुसार आज इतने उन्नत शस्त्रास्त्र बन गये हैं, जिनके प्रयोग से व्यापक विनाश आसन्न दिखाई पड़ता है। अब भी परीक्षणों की रोकथाम तथा बने शस्त्रों के प्रयोग को रोकने के मार्ग खोजे जा रहे हैं। इन प्रयासों के मूल में एक भंयकर आतंक और विश्व-विनाश का भय कार्य कर रहा है।"

उपरोक्त गद्यांश के अनुसार अगर ऐसा हुआ तो दुनिया को क्या होते देर न लगेगी?
 

Q5.

इनमें से कौन-सा शब्द 'प्रति' उपसर्ग से निर्मित शब्द-रूप है?
 

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