All Exams Test series for 1 year @ ₹349 only

UP Police SI 2020 Question Paper (22-Nov-2021) (Shift 1); Download PDF

UP Police SI 2020 Question Paper (Nov 22, 2021 - Shift 1) is available here for PDF download and can also be attempted online as a test for effective exam practice. UP Police SI Selection Process includes an online objective test, followed by document verification, physical standard test (PST), and physical efficiency test (PET), making it a mix of knowledge and physical fitness assessment.

Free
UP Police SI 2020 Question Paper (22-Nov-2021) (Shift 1)
120 Minutes
160 Questions
400 Marks
English, Hindi
Showing 1 - 5 of 40 questions
Page 1 of 8

Q1.

ओष्ठ्य महाप्राण घोष व्यंजन वर्ण का उदाहरण कौन-सा है?

Q2.

अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :-

साहित्य-जगत की प्रचलित दो अवधारणाएं ‘कला जीवन के लिए' तथा ‘कला कला के लिए’ वस्तुतः कला के मूल्यवादी और सौंदर्यवादी दृष्टिकोणों का प्रतिफलन हैं। कला के मूल्य काव्यवादी दृष्टिकोण अथवा ‘कला जीवन के लिए' सिद्धांतानुसार काव्य का मूल प्रयोजन, नैतिकता की स्थापना एवं शिक्षा माना जाता है। इस सिद्धांत के मानने वाले साहित्यकार कला को सामाजिक परिवर्तन एवं सुधार को महत्वपूर्ण अस्त्र मानते हैं। दूसरी ओर कलावादी कला को मात्र सौंदर्यानुभूति एवं आनंदानुभूति की अभिव्यक्ति एवं आस्वादन का साधन मानते हैं। उनके लिए कलाकार समाज के प्रति उत्तरदायी नहीं होता। कलावादी मानते हैं कि कलाकार की उपलब्धि मात्र कलागत सौंदर्य के स्वतंत्र एवं निरपेक्ष महत्व की प्रतिष्ठा में है। इसके साथ ही, कलावादी दृष्टिकोण के अनुसार कला स्वतःपूर्ण एवं आत्मनिर्भर मानी जाती है, जिसका प्रयोजन किसी भी बाह्य उद्देश्य की पूर्ति नहीं होता और न जिसका सौंदर्यपरक प्रतिमानों से इतर किसी भी प्रकार के नैतिक, सामाजिक अथवा राजनैतिक मानदंडों से मूल्यांकन ही किया जा सकता है। कालक्रम की दृष्टि से 'कला जीवन के लिए' का सिद्धांत अधिक प्राचीन है। 

कला का मूल्यवादी दृष्टिकोण अथवा काव्य का मूल प्रयोजन इनमें से क्या माना जाता है?

Q3.

अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :-

साहित्य-जगत की प्रचलित दो अवधारणाएं ‘कला जीवन के लिए' तथा ‘कला कला के लिए’ वस्तुतः कला के मूल्यवादी और सौंदर्यवादी दृष्टिकोणों का प्रतिफलन हैं। कला के मूल्य काव्यवादी दृष्टिकोण अथवा ‘कला जीवन के लिए' सिद्धांतानुसार काव्य का मूल प्रयोजन, नैतिकता की स्थापना एवं शिक्षा माना जाता है। इस सिद्धांत के मानने वाले साहित्यकार कला को सामाजिक परिवर्तन एवं सुधार को महत्वपूर्ण अस्त्र मानते हैं। दूसरी ओर कलावादी कला को मात्र सौंदर्यानुभूति एवं आनंदानुभूति की अभिव्यक्ति एवं आस्वादन का साधन मानते हैं। उनके लिए कलाकार समाज के प्रति उत्तरदायी नहीं होता। कलावादी मानते हैं कि कलाकार की उपलब्धि मात्र कलागत सौंदर्य के स्वतंत्र एवं निरपेक्ष महत्व की प्रतिष्ठा में है। इसके साथ ही, कलावादी दृष्टिकोण के अनुसार कला स्वतःपूर्ण एवं आत्मनिर्भर मानी जाती है, जिसका प्रयोजन किसी भी बाह्य उद्देश्य की पूर्ति नहीं होता और न जिसका सौंदर्यपरक प्रतिमानों से इतर किसी भी प्रकार के नैतिक, सामाजिक अथवा राजनैतिक मानदंडों से मूल्यांकन ही किया जा सकता है। कालक्रम की दृष्टि से 'कला जीवन के लिए' का सिद्धांत अधिक प्राचीन है। 

किस सिद्धांत को मानने वाले साहित्यकार कला को सामाजिक परिवर्तन एवं सुधार का महत्वपूर्ण अस्त्र मानते हैं?

Q4.

अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए :-

साहित्य-जगत की प्रचलित दो अवधारणाएं ‘कला जीवन के लिए' तथा ‘कला कला के लिए’ वस्तुतः कला के मूल्यवादी और सौंदर्यवादी दृष्टिकोणों का प्रतिफलन हैं। कला के मूल्य काव्यवादी दृष्टिकोण अथवा ‘कला जीवन के लिए' सिद्धांतानुसार काव्य का मूल प्रयोजन, नैतिकता की स्थापना एवं शिक्षा माना जाता है। इस सिद्धांत के मानने वाले साहित्यकार कला को सामाजिक परिवर्तन एवं सुधार को महत्वपूर्ण अस्त्र मानते हैं। दूसरी ओर कलावादी कला को मात्र सौंदर्यानुभूति एवं आनंदानुभूति की अभिव्यक्ति एवं आस्वादन का साधन मानते हैं। उनके लिए कलाकार समाज के प्रति उत्तरदायी नहीं होता। कलावादी मानते हैं कि कलाकार की उपलब्धि मात्र कलागत सौंदर्य के स्वतंत्र एवं निरपेक्ष महत्व की प्रतिष्ठा में है। इसके साथ ही, कलावादी दृष्टिकोण के अनुसार कला स्वतःपूर्ण एवं आत्मनिर्भर मानी जाती है, जिसका प्रयोजन किसी भी बाह्य उद्देश्य की पूर्ति नहीं होता और न जिसका सौंदर्यपरक प्रतिमानों से इतर किसी भी प्रकार के नैतिक, सामाजिक अथवा राजनैतिक मानदंडों से मूल्यांकन ही किया जा सकता है। कालक्रम की दृष्टि से 'कला जीवन के लिए' का सिद्धांत अधिक प्राचीन है। 

साहित्य के कलावादी दृष्टिकोण के अनुसार कौन-सा कथन सही है?

Q5.

"मोको कहाँ ढूँढ़े बंदे मैं तो तेरे पास में" - यह उक्ति किस संत कवि की है?

Page 1 of 8
Jump to:
Need Expert Advice?
Test Series
UP Police SI img
Police
UP State Exams Previous Year Papers
50 Tests 1 Tests Free
445 Attempts
4.3(13)
English, Hindi